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महिलाओं को जल्द मिलेंगे 1500 रुपये, सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- कैबिनेट सब कमिटी कर दी है गठित

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस सरकार जनता को दी गई गारंटियों को पूरा करने में लगी है। ओपीएस के रूप में पहली गारंटी को पूरा किया गया है, जिस पर कैबिनेट ने फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इसकी नोटिफिकेशन भी हो जाएगी। 

इसके बाद महिलाओं को 1500 रुपये देंगे, जिसके लिए कैबिनेट सबक मिटी का गठन कर दिया गया है। राहुल गांधी भारत की जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए नूरपुर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार एक-एक करके सभी गारंटियों को पूरा करेगी। 

भारत जोड़ो यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि 23 किलोमीटर तक हिमाचल में ये यात्रा होगी और इसमें सभी लोग शामिल होंगे। सरकार और संगठन मिलकर इस यात्रा में साथ जुड़ेंगे। सीएम ने कहा कि नफरत को तोड़ने के लिए सभी लोग एकसाथ आगे आएंगे। 18 जनवरी को राहुल गांधी पंजाब से होते हुए हिमाचल की सीमा में इस यात्रा को लाएंगे, जो बुधवार को सुबह साढ़े 6 बजे शुरू होगी। सीएम ने कई प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की। बताया जाता है कि अब सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू 20 जनवरी को ही लौटेंगे।

धंसते जोशीमठ से प्रदेश सरकार अलट

हिमाचल प्रदेश में सिकिंग जोन कहां-कहां पर हैं, इसकी जानकारी सरकार ने तलब की है। ऐसे संभावित भू-धंसाव वाले स्थानों की पहचान कर वहां क्या उपाय किए जा सकते हैं, इसकी भी जानकारी सरकार ने मांगी है। उत्तराखंड में धंसते जा रहे जोशीमठ का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी एहतियातन कदम उठाने की तैयारी की है। 


सोमवार को सीएम ने सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। शिमला में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव तथा हिमाचल में ऐसे संभावित स्थानों की पहचान करने पर विस्तृत चर्चा की गई। 

इस अवसर पर अधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत उन्होंने आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता धंसाव के संभावित क्षेत्रों की बढ़ाने तथा पूर्व चेतावनी प्रसार प्रणाली विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। सीएम ने किन्नौर, कुल्लू, चंबा तथा कांगड़ा जिले के उपायुक्तों को भू- पहचान करने तथा रिपोर्ट सरकार को भेजने के निर्देश दिए क्योंकि ये सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्र हैं।